Jo Haq-ta’aala Ke Parade Mein Rahata | जो हक़-त’आला के परदे में रहता।

जो हक़-त’आला के परदे में रहता | jo haq-ta’aala ke parade mein rahata.

जो हक़-त’आला के..

जो हक़-त’आला के परदे में रहता -2
वो क़ादिर-ए-मुतलक़ के साए में -2
"सुकूनत करेगा, सुकूनत करेगा"²
जो हक़-त’आला के परदे में रहता…

Verse 1
रात की हैबत, न दिन के वो तीर
छू भी न पाए तुझको, वो है करीब -2
हर आफ़तों से छुड़ानेवाला
मुश्किल में साथ निभानेवाला -2
"वो कायम रहेगा, वो कायम रहेगा"²
जो हक़-त’आला के परदे में रहता

Verse 2
सय्याद के, फंदे से वो
मोहलिक वबा से, छुड़ाएगा वो -2
पंखों में अपने छुपानेवाला
हाथों से अपने बचानेवाला -2
"तेरे संग रहेगा, तेरे संग रहेगा"²
जो हक़-त’आला के परदे में रहता

Verse 3
राहों में तेरी, हिफ़ाज़त करे
ठेस न लगने देगा, पाँव को तेरे -2
फ़रिश्ते तेरी सब राहों में
तुझे आगे पीछे से घेरे रहेंगे -2
"ऐसा वो करेगा, ऐसा वो करेगा"²
जो हक़-त’आला के परदे में रहता..

Verse 4
दिल जो लगाया, तूने खुदा से
तुझको बचाए, हर एक वबा से -2
"उस यीशु नाम को, जब भी पुकारो"²
तुम्हारी सुनेगा, संग रहेगा
तुमको छुड़ा के, इज्ज़त वो देगा
मुश्किल घड़ी में, संग रहेगा
हर एक घटी को, पूरा करेगा
हाथ पकड़ के, संग चलेगा
मुरादें तुम्हारी, वो पूरी करेगा
"उम्रदराज़, तुमको करेगा"²
जो हक़-त’आला के परदे में रहता..