Lahu Ke Bagair Na Shifa Na Nazat Hai | लहू के बगैर ना शिफा ना नज़ात है Lyrics.

लहू के बगैर ना  Lyrics | Lahu ke bagair na Lyrics.

लहू के बगैर..

Ernest Mall

लहू के बगैर ना शिफा ना नज़ात है
तौबा के साथ ये तो मुफ्त सौगात है
लहू के बगैर ...

1.इक तू ही बचे ना,बचेगा कुल घराना
लहू की कुदरत को तूने ना पहचाना
वादों का सच्चा और सच्ची उसकी जात है
तौबा के साथ ये तो मुफ्त सौगात है
लहू के बगैर ..

2.एक ही बार उसने लहू को बहाया
बंधनों को तोड़ के तो बाप से मिलाया
हुआ अब सवेरा खत्म हुई रात है
तौबा के साथ ये तो मुफ्त सौगात है
लहू के बगैर...

3.प्यारे तू क्यों सोचे,खुदावन्द तुझ से दूर है
मुक्ति फज़ल से मिले उसके हजूर है
ईमां जो लाए,खुदावन्द उसके साथ है
तौबा के साथ ये तो मुफ्त सौगात है
लहू के बगैर...