रंग लिया..
रंग लिया मोहे रंग लिया येशू ने
दिया अपना मसह दिया अपना जेहन
मुझे अपना रूप दिया रंग लिया रंग लिया...
1.दिया जीने को रंग-रंग-रंग
रूहे पाक किया संग संग संग
चौपान बना वो इक्क अजब खुशी
इक्क अनोखा मज़ा दिल जां बना वो वो वो वो
संग लिया मोहे संग लिया येशु ने दिया अपना मसह....
2.वो ही प्यार का रूप रूप-रूप
चाहे छाव हो या धूप धूप- धूप
येशू है खुदा यो ही देता है फल
उसमें नहीं छल येश है वफा आ आ आ
मांग लिया मोहे मांग लिया येशु ने अपना मस्सा....
3.अब जीना मसीह मसीह मसीह
और मरना नफा-नफा-नफा
जपता हूं यहीं यीशु के बिना जीना क्या जीना
कहता हु यही
अंग लिया हर अंग लिया यीशु ने