तू जो छू जाए इस मट्टी को | Tu Jo Chhoo Jaaye Is Mitti Ko Lyrics.

तू जो छू जाए इस मट्टी को | Tu Jo Chhoo Jaaye Is Mitti Ko Lyrics.

तू जो छू जाए

Ernest Mall

तू जो छू जाए इस मट्टी को
यह मट्टी कुंदन हो जाए
कुम्हार बने जिस बर्तन का
वो बर्तन दर्पण हो जाए, येशु-येशू...

1. तूफानों की हस्ती है क्या
जब जिंदा चट्टान पे हो आंखे
अंगुर के पेड़ से पैवस्ता
हर डाली सावन हो जाए
कुम्हार बने जिस बर्तन का ...

2. तेरे लख़्त-ए-जिगर ने पाक खुदा
बख्ते इंसान बदल डाला
ईमान जो लाए येसु पर
अम्बर की धड़कन हो जाए
कुम्हार बने जिस बर्तन का...

3. दुनियां छोड़े-छोड़े साथी
मिट्टी का खिलौना है इंसान
अगर हाथ में हाथ हो येसु का
तो मौत भी जीवन हो जाए
कुम्हार बने जिस बर्तन का...


MEANING'S:

कुंदन - शुद्ध सोना, खरा सोना(Gold)।
लख़्त-ए-जिगर - जिगर का टुकड़ा, प्रिय बेटे।
पैवसता - जुड़ा हुआ, मिला हुआ।
बख्ते - भाग्य,तकदीर, किस्मत।
सावन- खुश, खुशहाली।
ईमान -भरोसा, विश्वास।
हस्ती - अस्तित्व (Existence), वजुद।